Hindi Story प्रेरणादायक हिंदी कहानी हिंदी कहानियाँ हिंदी कहानी

जादुई पेन – हिंदी कहानी | Magic Pen – Hindi Story

कहानी: जादुई पेन 

 

यस पढ़ाई लिखाई में अपनी कक्षा में सबसे कमजोर लड़का है उसका खेलने में बहुत ही मन लगता है परंतु पढ़ाई में नहीं लगता | अब तो यस के स्कूल से भी शिकायतें आने लगी है इसी वजह से उसके पिता गंगाराम माता धनी परेशान हो गए हैं यश के पापा यश की मम्मी से बोले आज फिर से यश की स्कूल से शिकायत आई है

 

 

 

मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा धनी कैसे समझाऊं यश को तभी यश की मम्मी बोली हर तरह से समझा कर हमने देख लिया परंतु कोई फायदा ही नहीं हुआ मुझे तो लगता है अब यह अपने दादाजी की ही बात मानेगा तब यस के पिता बोले शायद तुम सही कह रही हो कल तो यस के दादाजी आई रहे हैं अब वही कुछ कर सकते हैं  अगले ही दिन यश के दादाजी गंगाराम के घर आते हैं गंगाराम बोलते हैं कि पिताजी आप आ गए तभी गंगाराम जी के पिता जी बोले हां बेटा मैं आ गया परंतु बेटा तुम इतना परेशान क्यों लग रहे हो तभी गंगा राम बोले हां पिताजी मैं परेशान हूं और सारी बातें अपने पिताजी को बता दी तभी गंगाराम जी के पिता बोले कोई ना बेटा अब मैं आ गया हूं

 

 

ना अब मैं सब संभाल लूंगा तभी दादा जी यस के पास चले जाते हैं तभी यस के दादा जी यस से बोले देखो यस में आ गया तभी यस बोला दादा जी आप आ गए मेरे लिए क्या लेकर आए तभी यस के दादा जी बोले मैं तुम्हारे लिए तुम्हारी बढ़िया चॉकलेट ले कर आया हूं और जादुई पेन  तभी यस बोलता है जादुई पेन तभी यस के दादा जी बोलते हैं हां जादुई पेन बेटा परंतु धीरे बोलो कोई और सुन ना ले तभी यस धीरे से बोलता है दादा जी यह किस तरह जादू करता है जादुई पेन मुझे भी बताइए तभी यस के दादा जी बोलते हैं अच्छा बेटा तब सुनो इस पेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि तुम जो कुछ भी लिखोगे वह सही होगा इस पेन से लिखावट बहुत अच्छी आती है 

 

 

और तुम परीक्षा में इस पेन से लिखोगे तो तुम्हारे सच में अच्छे नंबर आएंगे और तुम अपनी क्लास में सबसे ज्यादा नंबर ला सकते हो तभी यह बोलता है सच दादा जी क्या यह हो सकता है तभी यस के दादा जी बोले हां बेटा तभी यह जादुई पेन है तभी यस बोलता है दादा जी यह पैन मुझे दे दीजिए ना मैं अपनी परीक्षा में इसी पेन से लिख लूंगा और मुझे अब पढ़ने की जरूरत नहीं है अब तो मैं इसी पेन से पास हो जाऊंगा तभी यस  के दादा जी बोले हां बेटा परंतु इस पेन कि कुछ कठिन करते हैं वह तुझे माननी पड़ेगी तभी यह बोलता है हां दादा जी आप मुझे बताओ मैं सभी शर्ते मानने के लिए तैयार हूं तभी दादाजी उसे सभी शर्ते बता देते हैं 

 

 

 

और बाद में यश बोलता है मैं अब अपनी परीक्षा की तैयारी करने जा रहा हूं कभी यस के दादा जी बोलते हैं ठीक है बेटा तभी वह दिन भी आ गए जब यस की परीक्षा शुरू हो गई और जब भी यश के पिताजी और माताजी पूछते परीक्षा के बारे में तो यस बता देता आप बस परीक्षा परिणाम का इंतजार करें अभी तो सब कुछ ठीक है तभी यश के माता और पिता और भी चिंतित होने लगते हैं और और फिर 1 दिन यश के माता पिता दादा जी यस के परिणाम का इंतजार कर रहे थे और तीनों बहुत घबराए हुए थे तभी यस दौड़ते दौड़ते आया और बोला मां पापा दादाजी मेरा परीक्षा परिणाम आ गया तबीयत की मम्मी बोलती है तू पास हो गया बेटा तभी यह बोलता है

 

 

 हां मां मैं परीक्षा मैं सबसे ज्यादा नंबर लाया वह भी दादाजी की जादुई पेन की वजह से फिर भी यस के माता-पिता को उसके परिणाम पर विश्वास नहीं हो रहा था फिर गंगाराम ने अपने पिताजी से पूछा कि यह जादुई पेन क्या है आपने मुझे कभी भी इस पेन के बारे में नहीं बताया तभी यस बोला मैं बताता हूं पिताजी  दादाजी के पास जादुई पेन है और इसके बाद यश ने पूरी कहानी अपने मम्मी पापा को सुना दी तबीयत को दादाजी की शर्तें याद आती है पहली शर्त यह थी कि तुम स्पेन के बारे में किसी को नहीं बताओगे दूसरी यह शर्त थी कि तुम इस पेन से परीक्षा से पहले 5 बार पहले  पढ़ोगे और इसी पेन से पांच बार लिखोगे और फिर यह बोला कि इसी वजह से मैं परीक्षा में अच्छे नंबर ला पाया यश के इतने कहने पर सब जोर जोर से हंसने लगे तभी यस बोला आप लोग क्यों हंस रहे हो पैन में सच में जादू है 

 

 

 

तबीयत के पिताजी बोले बेटा जादू पैन में नहीं तेरे हाथों में है तेरे दिमाग में है तभी यह बोला मतलब तभी यस के पिताजी ने सभी चीजें उसे अच्छी तरह से समझ आई और फिर यश के दादाजी बोले तुम्हारा पढ़ाई में मन नहीं लगता था तभी इसीलिए मैंने तुम्हारा पढ़ाई में मन लगाने के लिए यह सब कुछ किया तबीयत ने का अच्छा दादा जी मुझे इस तरह पढ़ाई करने में सच में मजा आ गया | कहानी का सार यह है कि जिंदगी मैं सफल होने की हर तरह की क्षमता हमारे अंदर ही होती है

Leave a Reply

Your email address will not be published.