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जादुई सुनहरा कुआं मरमत – हिंदी कहानी | Magical Golden Kuan Marmat – Hindi Story

कहानी का नाम : जादुई सुनहरा कुआं मरमत 

एक गांव में यश नाम का एक गरीब आदमी रहता था | वह कोई पुराने कुएं में भरे कचरे को बाहर निकालता था उसके ट्रैक्टर ट्रॉली में रस्सी कुल्हाड़ी फावड़ा लेकर गांव-गांव जाता था | वह गाड़ी पर घूमते घूमते आवाज लगाता है कि कचरा निकलता हूं कचरा निकालता हूं कुएं से जितना पैसा दोगे उतने में काम कर दूंगा कुएं से कचरा निकाल दूंगा | 

यह कहते हुए गांव में आगे चलता रहा वह आगे चलते चलते गांव के पुराने कुएं के पास चला गया और वहां कुए के अंदर से कचरा निकालने लगा | कचरा निकालने के बाद पुराने कुए के अंदर से पानी बाहर आने लगा पानी बाहर आते ही कुए की मरमत करता फिर उसके ऊपर कलर करता आदि काम करता था |लोग उसे जितना भी पैसा दे वह उतना ही खुशी से रख लेता था | उसके पत्नी की देहांत होने के दो साल बाद उसने दूसरी शादी कर ली मोनिका नाम की लड़की से | यश के पहली  पत्नी के दो बच्चे थे उसके बच्चों का नाम लव-कुश था |

 और मोनिका की कोई संतान नहीं थी और वह उन बच्चों को मारती थी डाटती थी खाना नहीं देती थी | मोनिका को उसका पति यस पूछता था तब तुम इनको क्यों मारती हो तब मोनिका ने बोला कि यह मेरे क्या बच्चे नहीं है मैं भी इन्हें डाट नहीं सकती हूं मार सकती हूं इतना भी मेरा हक नहीं है  हां मैं जो भी हूं पराई हूं ना और उनकी सौतेली मां हूं जो आप मेरा अपमान करते हो यदि मेरा और अपमान किया तो मैं मेरे घर चली जाऊंगी ऐसे ही वह फिर उसका पति चुप हो जाता था उसके पति को बुखार आ गया था और डॉक्टर ने आकर बताया कि इसका ऑपरेशन करना करना होगा ₹200000 खर्चा होंगे  ऐसा कहकर वह चला गया 200000 इतने पैसे देकर इन्हें से ही करवाएंगे और जितने दिन रहना हो तो रहो नहीं तो ऊपर चले जाना और मोनिका बच्चों को बोल रही है 

कि आज से मारा स्कूल जाना बंद और बोला कि तुम तुम्हारे पिता की तरह कुआं में कुआं से जाकर कचरा निकालो तभी मैं तुम्हें और तुम्हारे पिता को खाना दूंगी और वह बच्चे गांव में कुऐ से कचरा निकालने के लिए निकल गए और उन्हें गांव के अंदर एक पुराना सूखा हुआ कुआं दिखाई दिया 

और वह बच्चे डरते हुए उस कुए के अंदर गए और उसको साफ किया और अंदर से पानी बाहर निकला | 

फिर उन लड़कों ने उस कुएं के ऊपर कलर किया तभी अचानक वहां पर 2 अजीब से इंसान प्रकट हुई उन्हें देखकर बच्चे घबरा गए उसमें से एक बोला डरो मत बच्चों तुमने बहुत अच्छा काम किया कुए की सफाई करके अब हम इस कुएं को सोने का बना देंगे और तुम इस सोने को ले जाकर अपनी समस्या का समाधान करना ऐसा कहते हुए उन्होंने अपना हाथ घुमाया और अचानक से कुआं सोने का बन गया 

और अचानक से कुए के अंदर से गाड़ी और सोने के सिक्के इत्यादि बाहर आए और बच्चों ने बोला कि हम इतने सोने का क्या करेंगे? हमारे पिता का ऑपरेशन हो जाए और परिवार का पालन पोषण हो जाए इतने हमारे लिए काफी है|आपको कोई परेशानी ना हो तो इस सोने को गांव वालों में बांट सकते हैं क्या क्योंकि वह बहुत परेशान है तब वह दोनों बोले कि हां हां बेटी तुम्हारी मन कितना साफ है और तुम्हें जितनी जरूरत है उतना ले लो बाकी का गांव वालों को दे दो अब से हम जंगल के दक्षिण की तरफ पुराने कुएं पर चले जाएंगे ऐसा कहकर वह वहां से गायब हो गई लव और कुश ने यह बात गांव वालों को बताइए और गांव वालों ने उन बच्चों के साथ जाकर जरूरतमंद सोना ले लिया और बच्चे सोने को लेकर अपने घर पर आए और सब कुछ अपने माता-पिता को बताया इस तरह उस पैसों से अपने पिता का ऑपरेशन करवाया और फिर बड़ा घर कार सब कुछ खरीद लिया स्किन मोनिका के मन में कुछ और चल रहा था कि बच्चे मूर्ख है इतना सारा सोना गांव वालों को मिले? बच्चों का दिमाग की नहीं है यदि मैं होती तो पूरा सोना ले आती और इन्हें छोड़ कर चली जाती नहीं तो इनकी सेवा करने के अलावा कुछ भी नहीं मिलता मेरे को

मोनिका अगले दिन गाड़ी पर चढ़कर कुए के पास आई और बोली यही वह कुआं होगा किसी तरह उन राक्षसों को धोखा देकर सारा सोना लेना होगा और वह कुएं के अंदर गई और उसे खोदने लगी कुछ समय पश्चात भी कुएं में से पानी नहीं निकला  इतने में वहां पर वह दो इंसान प्रकट हुए मोनिका उन्हें देखकर घबरा गई वह उनसे बोलने लगी कि आप इतने जल्दी आ गए पानी निकालने के बाद में आना चाहिए आपको और बोली कि पानी जरूर निकलेगा कुएं में से तब आप उसे सोने में बदल देना तब वह हंसने लगे और बोले कि तुम कितना भी प्रयास कर लो कुएं में से पानी नहीं निकलेगा क्योंकि तुम इसे सच्चे मन से खोदने नहीं आई हो तुम इससे सोना लेने के लिए आई हो और कहां कि तुम सच नहीं बताया तो तुम्हें मार दिया जाएगा तभी मोनिका ने सच बता दिया कि मैं सोना लेने के लिए ही आई हूं

तब उन्होंने बोला कि नीच औरत तुम इन छोटो बच्चों पर अपराध करती हो उन्होंने तुम्हें सोना लाने पर भी तुम्हारी लालच नहीं गई और सोना लेकर भागने की सोच रही हो तभी उन दोनों ने उसे पकड़ कर मारना शुरू किया तब मोनिका चिल्ला रही थी कि मत मारो मत मारो गलती हो गई मुझे सबक मिल गया है अब मैं उन्हें छोड़कर नहीं जाऊंगी और इस तरह उन्होंने अपनी गलती को स्वीकार कर लिया तथा अपने पति व बच्चों के साथ रहने लगी और खुशी-खुशी से अपना जीवन यापन करने लगी| 

लालच बुरी बला है|

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