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ईमानदारी का इनाम – हिंदी कहानी | Honesty Reward – Hindi Story

 कहानी :- ईमानदारी का इनाम 

बहुत पहले समय की बात है किसी गांव में राहुल नाम का एक पेंटर रहता था | वह बहुत ईमानदार था लेकिन वह बहुत गरीब था वह घर घर जाकर | वह हमेशा चाहता था कि उसे कोई बड़ा काम मिले उससे उसकी आमदनी अच्छी हो | लेकिन वह छोटे-छोटे काम भी बहुत ईमानदारी व लगन से करता था | 

एक दिन उसे गांव के जमींदार ने बुलाया और कहा ?

जमींदार :- सुनो राहुल मैंने तुझे एक जरूरी काम के लिए बुलाया है क्या तुम वह काम करोगे |

राहुल :- जी हजूर जरूर करूंगा बताइए क्या काम है |

जमींदार :- मैं चाहता हूं कि तुम मेरी नाव पेंट करो और यह काम आज ही हो जाना चाहिए |

राहुल :- जी हजूर यह काम में आज ही कर दूंगा 

नाव पेंट का काम पाकर गए राहुल बहुत खुश हुआ |

जमींदार :– वह सब तो ठीक है पहले यह बताओ कि तुम इस काम के पैसे कितने लोगे हैं | 

राहुल :- वैसे तो इस काम के आठ सो रुपए लगते हैं बाकी आपको जो पसंद है वह दे देना |

जमींदार :- ठीक है तुम्हें आठ सो मिल जाएंगे | पर काम अच्छा होना चाहिए|

राहुल :- जी हजूर आप चिंता मत करो आपको काम कीया हूआ बढ़िया ही मिलेगा | 

जमींदार उसे अपनी नाव दिखाने नदी के किनारे लेके चला जाता है | नाव देखने के बाद राहुल जमींदार से थोड़ा समय मांगता है और अपना रंग का सामान लेने चला जाता है | सामान लेकर जैसे ही राहुल आता है और वह नाव को रंगने लग जाता है |

जब राहुल नाउ को रंग रहा था तब उसने देखा की नाव के अंदर छेद है | अगर मैं इसे ऐसे ही पेंट कर दूंगा तो नाव डूब जाएगी | पहले इस छेद को भर देता हूं | ऐसा कहकर राहुल वो छेद को भर देता है |और नाव को पेंट कर देता है फिर वह जमींदार के घर चला जाता है |

राहुल :- जमींदार से राहुल बोलता है हजूर नाव का पेंट का काम पूरा हो गया | आप चल कर देख लीजिए 

जमींदार :- ठीक है चलो | 

फिर वह दोनों नदी के किनारे पहुंच जाते हैं अदाओं को देखकर जमींदार बोलता है ?

जमींदार :– अरे वाह राहुल तूने तो बहुत अच्छा काम किया ऐसा करो कि तुम कल मेरे घर आकर अपना मेहनत का पेसा लेकर चले जाना | 

राहुल :- ठीक है हजूर |

फिर वह दोनों अपने अपने घर चले जाते हैं जमींदार के परिवार वाले उसी नाव में दूसरे दिन नदी में घूमने जाते हैं| शाम को जमींदार का नौकर जो नाव की देखरेख करता था जो छुट्टी से वापस आता है | परिवार को घर पर ने देखकर जमींदार को घरवालों के बारे में पूछता है | जमींदारों से सारी बात बता देता है | जमींदार की बात सुनकर पप्पू चिंता में पड़ जाता है | उसे चिंतित देखकर जमींदार पूछता है |

जमींदार :- क्या हुआ पप्पू यह बात सुनकर तुम चिंतित क्यों हो गए | 

पप्पू :- सरकार लेकिन उस नाव में तो छेद था | 

पप्पू की बात सुनकर जमींदार भी चिंतित हो जाता है |तभी उसके परिवार वाले पूरे दिन मौज मस्ती करके वापस आ जाते हैं उनको अच्छा देखकर जमींदार अराम की सांस लेता है | फिर अगले दिन जमींदार राहुल को बुलाता है और कहता है | 

जमींदार :- यह लो बाबूलाल तुम्हारे मेहनत के पैसे तुमने बहुत बढ़िया काम किया है मैं बहुत खुश हूं |

राहुल पैसे लेकर गिनता है तो हैरान हो जाता है क्योंकि वह पैसे ज्यादा थे | वे जमींदार से कहता है ?

राहुल :- हजूर आपने मुझे गलती से ज्यादा पैसे दे दिए |

जमींदार :- नहीं राहुल यह मैंने तुझे गलती से नहीं दिए यह तुम्हारी मेहनत का ही पैसा है |

राहुल :- लेकिन हजूर हमारे बीच तो आठ सो की ही बात हुई थी | लेकिन यह तो छः हजार है |तो फिर यह मेरी मेहनत का कैसे हुआ | 

जमींदार :- क्योंकि तुमने एक बहुत बड़ा काम किया है|

राहुल :- कैसा काम ?

जमींदार :- तूने नाव का छेद भर दिया जिसके बारे में मुझे पता ही नहीं था अगर तुम चाहते उसे ऐसे भी छोड़ सकते थे या फिर उसके लिए अधिक पैसे भी मांग सकते थे पर तुमने ऐसा बिल्कुल भी नहीं किया जिसकी वजह से मेरे परिवार वाले सुरक्षित उस नाव की सवारी कर सकें | अगर तुम उस नाव के छेद को ना भरते तो मेरे परिवार वाले डूब भी सकते थे | आज तुम्हारी वजह से वह सुरक्षित घर लौट गए | इसीलिए यह पैसे तुम्हारी मेहनत और ईमानदारी के हैं |  

राहुल :- पर हजूर तो भी छेद को भरने के इतने पैसे नहीं बनते | 

जमींदार :- बस राहुल बस अब तुम कुछ मत कहो यह पैसे तुम्हारे ही है तुम इसे रख लो |

जमींदार की बात सुनकर पैसे लेकर राहुल बहुत खुश हुआ | और वह कहने लगा ?

राहुल :-  बहुत-बहुत धन्यवाद जमींदार साहब |

ऐसा कहकर खुशी-खुशी वहां से राहुल चला गया | 

तो बच्चों इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है हमें अपना काम हमेशा पूरी ईमानदारी और लगन से करना चाहिए |

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