Hindi Story प्रेरणादायक हिंदी कहानी हिंदी कहानियाँ हिंदी कहानी

हिंदी कहानी 20 – समय का सदुपयोग – Dark FF

कहानी :- समय का सदुपयोग


समय का सदुपयोग :-
                             समय का सदुपयोग जो करता है उसी व्यक्ति को समय के साथ अच्छे परिणाम मिलते हैं ऐसा ही हुआ जब करण और रिया के आखरी परीक्षा आने वाली थी |  
करण :- करण रिया को बोलता अरे अभी तक पढ़ रही हो चलो खाना खाते हैं | 
रिया :– बस थोड़ा सा प्रोजेक्ट बचा है नहीं किया तो टीचर डांट आएगी और अगले वीक से परीक्षा भी शुरू हो रही है |
रिया बहुत ही मेहनती और समय का सदुपयोग करने वाली बच्ची थी | जबकि उसका भाई करण बहुत ही लापरवाह शैतान बच्चा था | हर काम कल पर डाल देता था  |



रिया :- रिया जब करण से पूछती है तुम्हारा प्रोजेक्ट हो गया |

करण :- करण बोलता हां हो गया अभी से प्रोजेक्ट वह तो छढे घंटे में देना है ना अभी भी दो पीरियड बाकी है | मैं एकदम से कर लूंगा अब जल्दी आओ भूख लगी है और खेलना भी है | 
रिया :- रिया बोलती अरे सुनो तो नहीं करोगे तो टीचर डाटेंगे | 
करण और रिया के मम्मी पापा हमेशा रिया का उदाहरण देकर करण को समझाते है
मां :- देखो करण अब तुम बड़े हो गए हो खेल के साथ-साथ तुम तुम्हें भी अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए | 



करण :- हां मम्मी मैं कल से पक्का पढ़ाई करूंगा | 
पापा :- देखो सोनू बेटा समय का सदुपयोग करना अपनी बहन से सीखो | देखो समय से पढ़ती है समय से खेलती है आज का काम कल पर कभी भी नहीं डालती |
करण :- आप देखना कल से पक्का ऐसा ही करूंगा अभी जाऊं खेलने प्लीज | 
सोनू की लापरवाही दिन पर दिन बढ़ती जा रही थी | और आखिरकार परीक्षा के दिन भी नजदीक आ ही गए थे | करण और रिया के परीक्षा के दो दिन बाकी थे | 



पापा :- तभी उनके पापा बोलते हैं बच्चों अगले सोमवार से तुम्हारे परीक्षा शुरू हो रही है | खूब मन लगाकर पढ़ना और अच्छे से परीक्षा दो करण मुझे तुम्हारी बहुत चिंता हो रही है तुम हमेशा आज का काम कल पर डाल देते हो पढ़ाई कल पर नहीं डालते तुम रिया की तरह सभी पाठ समय से पहले पढ़ लेना ठीक है | 

करण :- करण अपने पापा से कहता है रे पापा परीक्षा में अभी पूरे दो दिन पड़े हैं मैं जाठ से पढ़ लूंगा | सब कुछ पढ़ लूंगा अभी मैं खेलने जा रहा हूं | जब तक खेलूंगा नहीं तब तक पढ़ाई भी समझ नहीं आएगी | जाते-जाते करण प्रिया से कहता है अरे रिया देखो ना कितना सुहाना मौसम हो रहा है आओ ना थोड़ा खेल लेते हैं | पढ़ाई तो बाद में भी कर सकते हैं | जाठ से सब हो जाएगा | 


रिया :- दीया बोलती है हां मौसम तो सुहाना है लेकिन मुझे मेरा पाठ पूरा करना है कल परीक्षा है |।
करण :- इस मौसम में खेलने का तो मजा कुछ और है तुम पढ़ती रहो मैं तो चला खेलने | 
कुछ देर बाद रिया ने देखा सुना मौसम धीरे-धीरे आंधी तूफान का रूप ले रहा है और काले बादल उमड़ रहे हैं मानव बारिश कभी भी हो सकती है | बारिश का मौसम देखकर रिया को चिंता होने लगी अगर बारिश आ गई तो उसका पाठ कैसे पूरा होगा लेकिन बारिशों में सारी घरों की बिजली चली जाएगी | उसने करण को आवाज दी करण करण सुनो मौसम देखकर लगता है | बारिश होने वाली है शायद रात को लाइट कट जाए खेलना छोड़ो और आकर अपना पाठ पूरा करो वरना कल परीक्षा में क्या लिखोगे | 


करण :– अरे चिंता मत करो रिया अभी तो दोपहर ही हो रही है रात को वेट कर फटाफट सब कुछ पढ़ लूंगा बिजली नहीं जाएगी कल की बारिश के बाद पढ़ने में और मजा आएगा अच्छा मैं जाता हूं मेरी बेटीग आ गई बहुत | करण रात तक खेलता रहता है उसको चिंता तब हुई जब अचानक बारिश शुरू हो गई बुरी तरह घबरा गया और घर लौटा जब घर आकर उसने देखा घर पर ही नहीं बल्कि पूरे गांव में बिजली नहीं है | यह देखकर करण जोर-जोर से रोने लगा | 
करण :- मेरा अब क्या होगा कल मेरी परीक्षा है मैंने कुछ भी नहीं पढ़ा और अब तो लाइट भी नहीं है मैं तो फेल हो जाऊंगा यह कहकर वो जोर जोर से रोने लगा |

रिया :– मैंने कहा था ना अपना पाठ समय से पढ़ो |
पापा :- मैंने तो तुम्हें एक हफ्ते पहले ही कह दिया था कि समय पर पढ़ाई कर लो लेकिन तुम्हें कभी भी कुछ समझ में नहीं आता अब भूगतो | 



करण :- मुझे माफ कर दो बाबा अब मैं क्या करूं काश अगर मैंने सही समय पर पढ़ाई की होती | 
उसे समझ में आ गया था उसकी लापरवाही के उसके पास पढ़ने का समय बचा ही नहीं | 



रिया :- रोने से अब कोई फायदा नहीं अब समझ आया कि सब तुम्हें क्यों समझाते थे अब रोना बंद करो चलो मेरे साथ मैंने अपनी पढ़ाई समय पर पूरी कर ली थी | मैं तुम्हें सारा पाठ समझा दूंगी और याद भी करवा दूंगी चलो अगले दिन दोनों बच्चे खुशी-खुशी परीक्षा देने गए |


इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है दोस्तों जो समय का करें सम्मान भविष्य में वह कहलाए माहान |

Leave a Reply

Your email address will not be published.