Hindi Story प्रेरणादायक हिंदी कहानी हिंदी कहानियाँ हिंदी कहानी

बड़ी सीख – हिंदी कहानी | Big Lesson – Hindi Story

कहानी :- बड़ी सीख 

 बहुत पुरानी बात है एक आश्रम था जहां पर बहुत सारे बच्चे दूर-दूर से शिक्षा ग्रहण करने आते थे | उन्हीं में से थे राम और श्याम | उन दोनों की शिक्षा पूरी हो चुकी थी | आश्रम के नियम के अनुसार उन्हें अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद घर जाना था लेकिन जब राम और श्याम घर जाने लगे तो उन्हें गुरु जी ने अपने पास बुलाया और कहा |
गुरुजी :– बच्चों आज तुम अपनी शिक्षा पूर्ण करके अपने घर जा रहे हो लेकिन तुम्हें अपने घर जाने से पहले एक और परीक्षा देनी होगी इस परीक्षा में अगर तुम दोनों सफल हुए तो तुम्हें घर जाने दिया जाएगा | अगर तुम विफल हुए तो तुम्हें यही पर रुकना होगा |
राम :- तभी राम गुरु जी से पूछता है गुरु जी आपकी शिक्षा के बारे में बात कर रहे हैं | हमने तो अपनी सारी शिक्षा पूरी कर ली है और आज तो हमें घर भी जाना है | फिर अभी कौन सी परीक्षा देनी है |
गुरुजी :- गुरुजी ने मुस्कुराते हुए कहा तुम दोनों मेरा एक छोटा सा काम करोगे तो अगर तुम दोनों उस काम में सफल हो गए तो तुम अपने घर जा सकते हो |

फिर दोनों एक साथ बोलते हैं गुरु जी क्या काम है आप बताइए हम वैसे ही परीक्षा में पास हो जाएंगे गुरुजी ने उन दोनों को बड़े ही ध्यान से देखा फिर मुस्कुराए |

गुरुजी :- गुरुजी मुस्कुराए और बोले तुम दोनों को मैं कबूतर देता हूं और तुम्हें इन्हें मारना है तुम दोनों इन्हें ऐसी जगह मारना जहां तुम्हें कोई देख ना रहा हो |
बाद में राम और श्याम दोनों ही उन कबूतरों को चले जाते हैं | बाद में राम उस कबूतर को लेकर एक सुनसान गुफा में जाता है और वहां जाकर देखता है |
अरे इस गुफा में तो यहां पर कोई नहीं है अगर मैं इसे यहीं पर मार दूं तो किसी को क्या पता चलेगा यह कहकर वह उस गुफा में उस कबूतर की गर्दन मोड कर उसे मार देता है और बाद में वह गुरुजी के पास आश्रम में चला जाता है|
राम :- गुरुजी के पास आकर बोलता है गुरु जी मैंने उस कबूतर को मार दिया अब तो मैं घर जा सकता हूं मैं इस परीक्षा में सफल हो गया हूं |
गुरु जी उस मरे हुए कबूतर को हाथ में लेकर थोड़े परेशान हो जाते हैं | बाद में गुरुजी राम से कहते हैं देखो राम मैंने तुम्हें श्याम को काम दिया था लेकिन मुझे लगता है कि तुम अभी भी इस परीक्षा में परीक्षा के परिणाम के लिए श्याम के आने का इंतजार करो मैं तभी अपना फैसला सुना पाऊंगा |
रात हो गई थी अंधेरा भी गिर गया था श्याम अभी तक नहीं आया और गुरु जी को उसकी चिंता होने लगी तभी गुरुजी को दूर से श्याम आता हुआ दिखाई देता है |
गुरुजी :- गुरुजी राम को कहते हैं देखो श्याम आ रहा है उसके आने के बाद तुम दोनों के परीक्षा के परिणाम की घोषणा हो जाएगी |
 
 
 

श्याम :- श्याम आते ही बोलता है प्रणाम गुरुजी |

गुरुजी :- बाद में गुरु जी बोलते हैं श्याम तुम इतने लेट क्यों आए | और तुम्हारे हाथ में यह कबूतर जिंदा कैसा है |
श्याम :- श्याम गुरुजी से कहता है गुरुजी यह बहुत लंबी कहानी है आप बस यह समझ लीजिए मैं इस परीक्षा में सफल नहीं हुआ हूं मुझे क्षमा करें मैं इस कबूतर को नहीं मार पाऊंगा और इस कारण मैं अपने घर भी नहीं जा सकता |
 
 
गुरुजी :- यह सोचकर गुरुजी उससे कहते हैं रुको श्याम तुम जब तक हमें पूरी बात नहीं बताओगे तब तक हम तुम्हें आश्रम में प्रवेश नहीं करने देंगे बताओ क्या हुआ था तुम्हारे साथ |
श्याम :- गुरुजी जैसा कि आपने कहा था किस कबूतर को वही ले जाकर मारना जहां पर कोई नहीं देख रहा हो तो मैंने वही किया मैं इसे मारने के लिए जंगल में ले गया लेकिन वहां पर मौजूद सारे जानवर मुझे देख रहे थे फिर मैं इसे जंगल के अंदर ले गया वहां पर जानवर तो मौजूद नहीं थे पर सारे पेड़ पौधे देख रहे थे |  इसके बाद मैं इसे समुंदर के किनारे ले गया तो वहां पर सारी मछली और समुंदर देख रहे थे | जब मैं से मारने के लिए पहाड़ पर ले गया वहां पर सन्नाटा देख रहा था | इसके बाद मैं एक गुफा के अंदर ले गया वहां पर मुझे अंधेरा देख रहा था | इनसे सबसे बड़ी बात मैं इसे मारते हुए खुद देख रहा था | गुरु जी यह बात सुनकर मुस्कुराए और कहा |
गुरुजी :- श्याम तुमने तो सबसे बड़ी शिक्षा ग्रहण की है जो मैं तुम्हें समझाना चाहता था वह तुम सीख गए तुमने इस कबूतर को इसलिए नहीं मारा कि तुम्हें सब देख रहे थे | एकांत में भी यही हमारा भय है | जो हमें गलत काम करने से रोकता है | अगर हम कुछ भी गलत करने से यह सोच ले हमें कोई ना कोई देख रहा है तो हम गलत काम नहीं करेंगे बस मैं तुम्हें यही समझाना चाहता था | और तुम बहुत अच्छे से समझ गए |
बाद में गुरुजी ने अपनी शक्तियों से जो मरा हुआ कबूतर था उसे जिंदा कर दिया | गुरु जी की यह बात सुनकर राम को अंदाजा हो गया उसे अभी और शिक्षा ग्रहण करनी है | इसलिए वे चुपचाप आश्रम में चला गया वहीं पर शाम को वापस अपने घर चला गया |
तो मित्रों इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है हमें कुछ भी बुरा करने से पहले दस बार सोचना चाहिए |

Leave a Reply

Your email address will not be published.