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असली पढ़ाई – हिंदी कहानी | Real Reading – Hindi Story

कहानी :- असली पढ़ाई
असली पढ़ाई :- 
                      सुरेश और कविता दोनों जुड़वा भाई बहन थे एक ही स्कूल में एक ही क्लास में पढ़ते थे | दोनों पढ़ाई में बहुत अच्छे थे लेकिन अक्सर सुरेश जी ज्यादा नंबर लाता था | इस बार जब दोनों बच्चों ने साइकिल दिलाने की जिद की तो पापा ने एक शर्त रख दी |
पापा :- अपने का मेरे पास एक ही साइकिल लाने का बजट है | तुम दोनों में से जो भी क्लास में सबसे ज्यादा नंबर लाएगा उसे ही साइकिल मिलेगी |
पापा की बात सुनकर दोनों बच्चे पढ़ाई में जुट गए लेकिन सुरेश थोड़ा ज्यादा ही स्मार्ट था | उसे पता था कि नंबर कैसे लाते हैं | वह सिर्फ उतना ही पढ़ता था जितना कि परीक्षा में आने वाला है | वही कविता को पढ़ाई का शौक था वह पूरी की पूरी किताबें पढ़ा करती थी |
सुरेश :- सुरेश कविता को कहता है देखना साइकिल मुझे ही मिलेगी तो जो इतना पड़ रही है सब बेकार है परीक्षा में यह सब नहीं आने वाला |
कविता :- कविता सुरेश से पूछती है तुझे कैसे पता |
सुरेश :- अरे पिछले तीन साल से प्रशन पेपर दिए हैं ट्यूशन वाले सर ने हमेशा इन्हीं में से प्रशन रिपीट होतो हैं |
 
 

कविता :- ठीक है लेकिन मुझे नहीं लेना कोई शॉर्टकट परीक्षा में जो भी आएगा वह किताब में से ही आएगा मुझे पढ़ने दे डिस्टर्ब मत कर |

दोनों बच्चों ने अपने अपने तरीके से पढ़ाई की बाद में परीक्षा हो गई | बाद में सुरेश जोर से चिल्लाने लगता है परीक्षा पूरी हो गई | कुछ दिनों के बाद परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ | और वही हुआ जो हमेशा होता था | सुरेश ने प्रथम स्थान हासिल किया और कविता दूसरे नंबर पर आई |
खुशी के मारे सुरेश जोर जोर से बोलने लगा अब मुझे साइकिल मिलेगी | सुरेश को साइकिल मिल गई | वह बहुत खुश हुआ |
मां :- सुरेश कुमार सुरेश से कहती है यह ले साइकिल लेकिन ध्यान रखना यह तुम दोनों की साइकिल है कविता को भी चलाने देना लेकिन सुरेश कहां अब किसकी सुनने वाला था | वह तो अब साइकिल लेकर भाग गया उसी दिन शाम को कविता और सुरेश का परीक्षा परिणाम अच्छा आने की वजह से पूरा परिवार बाहर खाना खाने गया |
खाना खाने के बाद जैसे ही होटल के बाहर निकले तो अचानक से दो लोग माइक और कैमरा लेकर उनके सामने आ गए |
 
 

कैमरामैन बोला :- हम लोग जी-वन साइकिल का प्रचार कर रहे हैं | बच्चों के लिए एक छोटा सा प्रसन है अगर जवाब दिया तो जी-वन की टॉप मॉडल वाली साइकिल प्राइज में मिलेगी | में और साथ में एक नया बैग और बोतल भी मिलेगी |

दोनों बच्चों ने इसमें ज्वाइन किया लेकिन इसमें सारे जवाब थे वहीं इनकी बुक में से ही थे | लेकिन परीक्षा के पेपर से अलग प्रसन थे | लेकिन कविता ने तो पूरी की पूरी किताब पढ़ कर रखी थी इसलिए कविता ने कुछ ही समय में पेपर के सारे प्रश्न हल कर दिए |
कविता :- यह ले लीजिए अंकल मैंने सारे प्रश्न कर दिए |
 
कैमरामैन :- क्या बात है समय से पहले ही कर दिए बहुत अच्छा |
लेकिन सुरेश ने बहुत कोशिश करी परंतु से जवाब नहीं आते थे | बाद में थक कर सुरेश ने पेपर दे दिया | दोनों के पेपर देखने के बाद जिसने यह मुकाबला रखा था उसने विनर को अनाउंस किया |
 
कैमरामैन :- कैमरामैन विनर कौन है अनाउंस करता है सो प्रतिशत जवाब का सही जवाब कविता ने दीए है तो इस मुकाबले की विजेता कविता हुई है | कविता को प्राइज में साइकिल भी मिल गई | साथ में दूसरे उपहार भी |
 वहीं पर सुरेश को मिली एक नई सीख सुरेश अब समझ गया था हमें सिर्फ नंबर के लिए नहीं पढ़ना है लेकिन नॉलेज के लिए भी पढ़ना चाहिए |

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